I AM EGO

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मनुष्य की सबसे बड़ी कमजोरी होती है - उसका अहम् - EGO

अहंकार के वशीभूत व्यक्ति यह सोचता है की यदि वह झुक गया तो लोग उसे छोटा व् कमजोर कहेंगे परन्तु वास्तविकता यह नहीं है.

महापुरषों का कहना है के झुकने वाला व्यक्ति कभी छोटा या कमजोर नहीं होता. तराजू का वही पलड़ा वजनदार होता है जो झुका होगा.

बुद्धिमान पुरुष कहते हैं के जहाँ सामर्थ्य है वहां विनम्रता है. किसी के पास धन है ,तो किसी के पास बुद्धि. कोई सुंदर रंग रूप से तो कोई ऊंचा पद पाकर अहंकार के वशीभूत हो जाता है. वे पैसे, प्रतिष्ठा, पदवी व् पांडित्य को पचा नहीं पाते.

जिस व्यक्ति ने विनम्र रहना सीख लिया है वह उस विशाल सागर जैसा हो जाता है जिसमे ज्ञान और प्रेम की सरिताएं मिलकर स्वयम को न्योछावर केर देती हैं. वास्तव में सुख प्राप्ति का साधन विनम्रता ही है जो विद्या से प्राप्त होती है ...

विद्या ददाति विनयम विनयात याति पात्रताम
पात्रात धनम प्राप्ति धनात धर्म: तत: सुखम